सड़कों और पुलों के निर्माण में देरी पर सख्त हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों में लापरवाही और देरी बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर दो ठेकेदारों के पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिए हैं, जबकि आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन सड़कों और पुलों का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
लोक निर्माण विभाग ने मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन चार पुल निर्माण कार्यों में अत्यधिक देरी के कारण निरस्त किया है। वहीं कांकेर जिले में दो पुल निर्माण कार्यों में लेट-लतीफी बरतने पर ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी दो वर्षों के लिए रद्द कर दिया गया है।
इसके अलावा कई सड़क परियोजनाओं में निर्धारित माइलस्टोन के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने कुछ अन्य मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन भी मांगा है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी ठेकेदारों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।




