PM आवास के बाद अब कोल माइंस पर बहस की चुनौती, छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘बहस का नया दौर’?

सरगुजा में कोल माइंस पर सियासत गरमाई, भूपेश बघेल ने CM साय को दी खुली बहस की चुनौती
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में मुद्दों पर बयानबाजी के बाद अब आमने-सामने बहस का दौर आगे बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आमने-सामने बैठे थे। करीब 80 मिनट चली इस बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने आंकड़े और दस्तावेज सामने रखे।
अब कोल माइंस की मंजूरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को खुली बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री उनके साथ प्रेस क्लब में आमने-सामने बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करें
प्रेस क्लब में बहस का दिया प्रस्ताव
भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनके साथ प्रेस क्लब में आमने-सामने बैठकर इस मुद्दे पर बहस करें। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच पर दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर चर्चा होने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित माइंस को मंजूरी किसके कार्यकाल में मिली।बघेल ने कहा कि कोल माइंस के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय दोनों पक्षों को सामने आकर तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
विजय शर्मा के साथ बहस का दिया हवाला
पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई खुली बहस का भी हवाला दिया। 15 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास योजना के आंकड़ों और केंद्र-राज्य की भूमिका को लेकर करीब 80 मिनट तक चर्चा हुई थी।
बघेल ने इसी तर्ज पर कोल माइंस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ भी सार्वजनिक बहस करने की बात कही है।कोल माइंस की मंजूरी पर अलग-अलग दावेसरगुजा और हसदेव-अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन से जुड़े मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस लंबे समय से अलग-अलग दावे करती रही हैं। बघेल की ताजा चुनौती के बाद यह मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है।




