छत्तीसगढ़ में VB-G RAM-JI योजना लॉन्च: 125 दिन रोजगार, ₹300 दैनिक मजदूरी और 318 विकास कार्यों की शुरुआत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब परिवार काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि गरीबों की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। उन्होंने गंडईखुर्द में योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे रोजगार के साथ ग्रामीण विकास के कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं। योजना के तहत डबरी, चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क, सामुदायिक पशु शेड, हाईमास्ट लाइट, कोल्ड स्टोरेज, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी कराए जाएंगे। साथ ही जॉब कार्ड की जगह अब जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि योजना के तहत अब मनरेगा में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान योजना के प्रचार-प्रसार के लिए उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर जनजागरूकता का संदेश दिया। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया गया।राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से रोजगार, ग्रामीण अधोसंरचना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित की जाएगी।




