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नकटी गांव विवाद: अजय चंद्राकर बोले – जमीन कहाँ और कैसे दी जाएगी, यह सरकार का विशेषाधिकार

रायपुर। नया रायपुर के नकटी गांव को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेषाधिकार है कि वह जमीन कहाँ और कैसे आवंटित करेगी। केवल कांग्रेस विधायकों के पत्र लिख देने से कोई निर्णय नहीं बदल जाता।

अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि कांग्रेस के विधायक विधायक आवास किसी दूसरी जगह बनवाने की मांग कर रहे हैं, तो वे पत्र लिख सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जो विधायक सक्षम हैं और आवास नहीं लेना चाहते, वे न लें। सरकार अपने अधिकारों के तहत ही भूमि का चयन और आवंटन करती है।

उन्होंने कहा कि नकटी मामले में 85 लोग प्रभावित हुए हैं। यदि वे पुनर्वास या व्यवस्थापन से असहमत हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उस पर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन इसके साथ यह भी सामने आना चाहिए कि ये 85 लोग कुल कितनी जमीन पर काबिज थे और उनका वास्तविक कब्जा कितने एकड़ में था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस पहलू का अध्ययन किया है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के अन्य नेता भी बिना तथ्य जाने बयानबाजी कर रहे हैं।

चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस राजनीतिक एजेंडा नहीं है और वह केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को कांग्रेस के भ्रमजाल में नहीं फंसना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उन्हें उचित पुनर्वास और व्यवस्थापन उपलब्ध कराया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 85 लोगों के लिए 35 एकड़ जमीन देने जैसी मांगों का कोई औचित्य नहीं है।

इसी दौरान उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैज के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल संगठन में अपने पसंद के लोगों को पद दिलाना रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस संगठन जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।

रवि भगत के भाजपा से इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्हें भी इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि रवि भगत से मुलाकात के बाद ही इस्तीफे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

धान के रकबे में कमी की आशंका पर उन्होंने कहा कि अल नीनो का प्रभाव और फसल चक्र अलग-अलग विषय हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान का उत्पादन आवश्यकता से अधिक है और सरकार किसानों को अन्य फसलों की ओर प्रोत्साहित करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि जून महीने में सामान्य से कम बारिश होना चिंता का विषय है और सभी को जल संरक्षण तथा कृषि के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ती सक्रियता पर चंद्राकर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी नई बात नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस के गठन के समय से ही आंतरिक खींचतान उसकी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रही है।

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CG Bulletin Desk1

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