
एजेंडा सार्वजनिक नहीं, विभागीय समीक्षा के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति पर भी हो सकती है चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार रात 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास में राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में सभी मंत्रियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं और अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार बैठक को आधिकारिक तौर पर विभागीय कार्यों की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जिस तरह अचानक सभी मंत्रियों को एक साथ बुलाया गया है, उसने इस बैठक के महत्व को बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की प्रगति, बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, जनकल्याणकारी योजनाओं और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा कर सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरकार आगामी महीनों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक कसावट पर विशेष जोर देना चाहती है। ऐसे में मंत्रियों को उनके विभागों के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा भी दी जा सकती है।वहीं राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि भाजपा संगठन स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की तैयारी कर रही है। ऐसे में केंद्र और राज्यों की राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर सरकार और भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।
बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं होने से मंत्रियों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। अब सबकी नजर बैठक के बाद सामने आने वाले संकेतों और फैसलों पर टिकी हुई है।


