छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस: रामविचार नेताम

रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड स्थित ग्राम छाती में संचालित मखाना खेती का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मखाना उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए इसे किसानों, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता का प्रभावी माध्यम बताया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बीज रोपण, पौधों की वृद्धि, फसल प्रबंधन, जलाशय से फल निकालने और पारंपरिक विधि से मखाना तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि मखाना की फसल सामान्यतः 6 से 8 माह में तैयार होती है।ग्राम छाती में शैलपुत्री और नई किरण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में मखाना की सफल खेती की जा रही है। इस पहल से स्थानीय महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का अवसर मिल रहा है, वहीं क्षेत्र में वैकल्पिक खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मखाना एक उच्च मूल्य और बाजार में बढ़ती मांग वाली फसल है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी को मजबूत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि धमतरी जिले में वर्तमान में करीब 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती हो रही है। इसके अलावा नगरी विकासखंड में 100 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मखाना उत्पादन के विस्तार की तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों और महिला समूहों को वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।




