प्रभार वाले जिलों में मंत्रियों के दौरे कम, मंत्री टंकराम वर्मा को लेकर जिला अध्यक्षों ने की शिकायत, जामवाल बोले प्रभार बदलना पड़ेगा क्या!

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सत्ता और संगठन की दूसरे दिन करीब 11 घंटे तक चली मैराथन बैठक में प्रभारी मंत्रियों के कामकाज को लेकर खुलकर समीक्षा हुई। बैठक में मंत्री टंकराम वर्मा को लेकर जिला अध्यक्षों ने शिकायत दर्ज कराई कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में कम आते हैं और आने पर भी भाजपा कार्यालय नहीं पहुंचते। शिकायत सामने आने पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने सख्त लहजे में कहा कि “प्रभार बदलना पड़ेगा क्या?” इस टिप्पणी के बाद बैठक में प्रभारी मंत्रियों की सक्रियता और संगठन से उनके समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो गई।
वहीं, बैठक में अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में बेहतर प्रदर्शन और संगठन के साथ समन्वय के लिए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव के कामकाज की सराहना भी की गई। नेतृत्व ने अन्य प्रभारी मंत्रियों से भी इसी तरह सक्रिय रहकर संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाने की अपेक्षा जताई।
जिला अध्यक्षों ने बैठक में रखी शिकायत
बैठक के दौरान जिलाध्यक्षों से उनके प्रभार वाले जिलों में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर फीडबैक लिया गया। इसी दौरान टंकराम वर्मा के प्रभार वाले जिलों को लेकर जिला अध्यक्षों ने खुलकर अपनी बात रखी।जिला अध्यक्षों की ओर से कहा गया कि प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में अपेक्षाकृत कम पहुंचते हैं। जब वे दौरे पर आते भी हैं तो भाजपा कार्यालय में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपेक्षित संवाद नहीं हो पाता। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संगठन नेतृत्व ने प्रभारी मंत्रियों की भूमिका और सक्रियता को लेकर सख्त संदेश दिया।
अजय जामवाल ने जताई नाराजगी
शिकायत सुनने के बाद क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा—“प्रभार बदलना पड़ेगा क्या?” संगठन नेतृत्व की इस टिप्पणी को प्रभारी मंत्रियों की सक्रियता को लेकर गंभीर संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रभारी मंत्री केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने प्रभार वाले जिलों में पार्टी संगठन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें।
श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव के काम की सराहना:बैठक में कुछ प्रभारी मंत्रियों के कामकाज की सकारात्मक चर्चा भी हुई। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री गजेंद्र यादव के अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में बेहतर प्रदर्शन और संगठन के साथ समन्वय की नेतृत्व ने सराहना की।इन मंत्रियों के जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं से संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों के बेहतर संचालन को उदाहरण के तौर पर देखा गया। नेतृत्व ने अन्य प्रभारी मंत्रियों से भी अपने प्रभार वाले जिलों में इसी तरह सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।
17 जिलों की हुई जिलेवार समीक्षा
दो दिवसीय मैराथन बैठक में प्रदेश के 17 जिलों को लेकर संबंधित प्रभारी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ अलग-अलग चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, रामविचार नेताम, केदार कश्यप, लक्ष्मी रजवाड़े, लखन लाल देवांगन, दयालदास बघेल, गजेंद्र यादव, टंकराम वर्मा और गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य नेता बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में जिलों में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सत्ता और संगठन के बीच समन्वय तथा नेताओं के बीच आपसी तालमेल का फीडबैक लिया गया। जहां नाराजगी और समन्वय की कमी सामने आई, वहां नेतृत्व ने इसे दूर करने और संगठन में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।
करीब 11 घंटे चली बैठक में प्रभारी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और जिला अध्यक्षों के फीडबैक को अहम माना जा रहा है। इससे साफ है कि भाजपा नेतृत्व अब प्रभारी मंत्रियों की जिलों में सक्रियता और संगठन के साथ उनके समन्वय को लेकर और अधिक सख्ती बरतने के मूड में है।




