छत्तीसगढ़

छात्रावास में बड़ी लापरवाही: अधीक्षक के अचानक गायब होने से मचा हड़कंप, 40 में से 38 छात्राएं घर लौटीं

न रसोई चली, न भोजन बना, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल; ग्रामीणों और पालकों ने छात्रावास पहुंचकर जताया आक्रोश

मोहला-मानपुर। वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्र नवागांव स्थित शासकीय प्री-कन्या छात्रावास में रविवार को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया। आरोप है कि छात्रावास की अधीक्षक बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था किए ड्यूटी से चली गईं। इसके बाद छात्रावास की व्यवस्था चरमरा गई और रविवार शाम छात्राओं के भोजन की व्यवस्था भी प्रभावित हुई।जानकारी के अनुसार, छात्रावास में कुल 40 बालिकाएं नामांकित हैं, जिनमें से अव्यवस्था और असुरक्षा के माहौल के बीच 38 छात्राएं अपने परिजनों के साथ घर लौट गईं, जबकि फिलहाल केवल दो छात्राएं ही छात्रावास में रह गईं।

बताया गया कि रविवार शाम छात्रावास की रसोई में भोजन नहीं बन पाया। अधीक्षक की गैरमौजूदगी में भोजन और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पालक छात्रावास परिसर में पहुंच गए और व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

शिक्षा मंत्री के दौरे से एक दिन पहले खुली व्यवस्था की पोलगौरतलब है कि सोमवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का जिले में प्रथम आधिकारिक आगमन प्रस्तावित है। मंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले शासकीय कन्या छात्रावास में सामने आई अव्यवस्था ने विभागीय व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार जहां छात्राओं की शिक्षा, पोषण और सुरक्षा को लेकर लगातार जोर देती है, वहीं छात्रावास में सामने आई इस स्थिति ने इन दावों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने की स्थायी अधीक्षक की मांग

स्थानीय निवासी ने बताया कि शाम को घूमने के दौरान उन्हें पता चला कि छात्राएं अपने माता-पिता के साथ घर लौट रही हैं। कर्मचारियों से जानकारी लेने पर अधीक्षक के छात्रावास छोड़कर चले जाने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि 40 में से 38 बच्चियां घर जा चुकी हैं और केवल दो छात्राएं बची हैं।

वहीं एक अन्य ग्रामीण कहा कि छात्रावास में अधीक्षक नहीं हैं और बच्चियां अपने घर चली गई हैं। शाम के भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई गरीब परिवारों की बच्चियां 10 से 15 किलोमीटर दूर से आकर छात्रावास में रहती हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि छात्रावास में तत्काल स्थायी अधीक्षक की नियुक्ति की जाए और भोजन, सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं।

मामले में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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CG Bulletin Desk1

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