
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े चर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को शुक्रवार, 11 सितंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है।गिरफ्तारी के बाद चेतन बोरघरिया को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया।
पूर्व CM भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं बोरघरिया
चेतन बोरघरिया वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद CGPSC भर्ती घोटाले की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है।
उत्कर्ष चंद्राकर से WhatsApp चैट मिलने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, ED की जांच में चेतन बोरघरिया और मामले के एक अन्य आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच संदिग्ध WhatsApp चैट सामने आई है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर ऐसी जानकारी मिली है, जिसमें एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले ही प्रीलिम्स का 100 प्रतिशत मैच होने वाला पेपर उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि मेन्स परीक्षा के पेपर के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए गए थे। ED इन तमाम कड़ियों और कथित लेनदेन की जांच कर रही है।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर
इस मामले में ED इससे पहले छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी इस कथित भर्ती घोटाले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों से संबंधों की जांच कर रही है।



