
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की नई संगठनात्मक जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी बनाए जाने पर तंज कसा है। भाजपा ने 24 सितंबर को स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी नियुक्त किया है।
स्मृति ईरानी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि “स्मृति ईरानी का वनवास खत्म हुआ है। चोट खाई हुई स्मृति ईरानी हैं, घायल शेरनी हैं। यहां आने के बाद किसको हटाती हैं, यह देखना होगा।” उनके इस बयान के बाद भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी के पुराने चुनावी मुद्दों का जिक्र करते हुए गैस सिलेंडर की कीमत को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी सिलेंडर लेकर बैठी थीं और मोदी गारंटी के तहत 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही गई थी।बघेल ने इस मुद्दे को महंगाई और भाजपा की चुनावी घोषणाओं से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
किसान की आत्महत्या पर सरकार को घेरा
कोरबा में किसान की आत्महत्या के मामले को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसान आत्महत्या के दौर से गुजर रहा है। उनका आरोप है कि सरकार किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती और इसके लिए अलग-अलग तरह के षड्यंत्र किए जा रहे हैं।कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के बागबुड़ा गांव में 55 वर्षीय किसान परदेसी राम कंवर की कीटनाशक सेवन के बाद मौत की रिपोर्ट सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों में परिजनों के हवाले से कर्ज और खेती के दबाव का जिक्र किया गया है। हालांकि, किसान की आत्महत्या के कारणों को लेकर पूरी स्थिति की आधिकारिक जांच और तथ्य सामने आना बाकी है।
असम में काफिले पर पथराव को लेकर भाजपा पर आरोप
असम दौरे से लौटे भूपेश बघेल ने नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए पथराव की घटना को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। बघेल के मुताबिक, सांसद रकीबुल हुसैन ने पहले ही पुलिस अधिकारियों को काफिले की जानकारी दी थी और सुरक्षा को लेकर आश्वासन मिला था।
कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि काफिले पर पथराव के साथ एसिड फेंका गया। कुछ वाहनों के शीशे टूटने की भी रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, घटना को लेकर भाजपा की ओर से अलग दावे किए गए हैं और पूरे मामले की जांच का विषय बना हुआ है।




