मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में मंगलसूत्र विवाद, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

एमसीबी जिले में चांदी की जगह नकली धातु के मंगलसूत्र बांटने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
रायपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत एमसीबी जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधीं 189 नवविवाहित महिलाओं को चांदी के बजाय नकली धातु (गिलेट) के मंगलसूत्र वितरित किए गए। इस आरोप के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए संचालित की जाती है और इसमें मिलने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण बेटियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है।
मामले को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है। विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सरगुजा संभाग से ही आती हैं, ऐसे में विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मंत्री के अपने संभाग में ही योजना की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंगलसूत्र की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि सभी की नजर अब जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।




