CM साय का बड़ा एक्शन: सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह निलंबित

सुशासन तिहार में शिकायत मिलने पर कार्यवाही
रायपुर। सीएम Vishnu Deo Sai ने सुशासन तिहार के दौरान सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले के औचक दौरे में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जहां ग्रामीणों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं, वहीं प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कोरिया जिले के सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के दौरे के बाद चिरमिरी में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पेयजल संकट, स्कूलों के खराब परीक्षा परिणाम और किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। कोरिया जिले में खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर से बैठक में मौजूद अधिकारी सकते में आ गए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट है, वहां टैंकरों के जरिए नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।
स्कूलों के परीक्षा परिणाम पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने और स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी जरूरी है ताकि परीक्षा परिणामों में सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए भी अधिकारियों को व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी पेयजल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों पर रोक लगाई जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गड़बड़ी या हितग्राहियों को परेशान करने की शिकायत मिलने पर संबंधित कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री का एक अलग मानवीय चेहरा भी इस दौरे में देखने को मिला। सूरजपुर जिले के रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई, बच्चों का अन्नप्राशन कराया और उनका नामकरण भी किया। इससे मुख्यमंत्री के संवेदनशील और जनहितैषी व्यक्तित्व की झलक दिखाई दी।
चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ मौजूद रहे।



