12 साल की सेवा, फिर भी नहीं मिला संविलियन: शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर देर रात भजन -कीर्तन कर जताया विरोध, पूर्व मंत्री डहरिया बोले प्रदेश में हर वर्ग परेशान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रांतीय अतिथि शिक्षक विद्या मितान कल्याण संघ के बैनर तले प्रदेशभर के 1,500 से अधिक अतिथि शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मंगलवार को शिक्षकों ने संविलियन, समान काम-समान वेतन और शासकीय अवकाश सहित अन्य मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के रायपुर स्थित सेवा सदन का घेराव किया।
प्रदर्शनकारी शिक्षक देर रात तक मंत्री आवास के बाहर मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर भजन-कीर्तन करते हुए धरने पर बैठे रहे। आंदोलन के दौरान पिछले 10 वर्षों में दिवंगत हुए विद्यामितान शिक्षकों को श्रद्धांजलि भी दी गई।’12 साल से पढ़ा रहे, फिर भी नहीं मिला समान वेतन’अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 12 वर्षों से प्रदेश के स्कूलों, खासकर बस्तर के सुदूर क्षेत्रों सहित विभिन्न जिलों में गणित, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषय पढ़ा रहे हैं। कई स्कूलों में उनसे शिक्षण के अलावा विभागीय कार्य भी कराए जाते हैं, लेकिन उन्हें करीब 20 हजार रुपये मानदेय ही मिलता है। ऐसे में वे संविलियन और समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने दो बार की मुलाकात:प्रदर्शनकारियों के अनुसार, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उनसे दो बार मुलाकात कर चुके हैं और उनकी दो मांगों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया है। हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उनका आंदोलन जारी है।
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार पर साधा निशाना
मामले में पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि प्रदेश में डीएड अभ्यर्थी भी कई महीनों से आंदोलनरत हैं, जबकि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में साढ़े 10 हजार स्कूल बंद कर दिए गए, फिर भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।छत्तीसगढ़ की शिक्षा रैंकिंग लगातार नीचे जा रही है। अतिथि शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। प्रदेश में हर वर्ग परेशान है और अराजकता का माहौल है। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



