‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से देश में प्रथम, 1,428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को पीपीई किट, 1,374 के आयुष्मान कार्ड बनाए गए

स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर। सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के तहत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी भी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
1,428 कर्मियों को पीपीई किट, 1,374 को आयुष्मान कार्ड
विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य में अब तक 1,487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1,465 कर्मियों का सत्यापन हुआ है। 169 नगरीय निकायों में 1,428 कर्मियों को पीपीई किट और 1,374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशालाओं के माध्यम से सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।इस वर्ष 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में ‘नमस्ते दिवस’ का आयोजन किया गया था, जिसमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने सहभागिता की।
8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग
‘नमस्ते’ योजना के तहत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6,799 का सत्यापन हो चुका है। इनमें 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट और 512 को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। शेष 6,287 वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है।
47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइनस्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। इनमें 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों और 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों को शामिल किया गया है। 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है।100 अंकों के पैमाने पर हुआ मूल्यांकन‘नमस्ते’ योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया। इसमें स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाई के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से जुड़े मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।
2023 से संचालित है ‘नमस्ते’ योजना
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वर्ष 2023 में ‘नमस्ते’ योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देना, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करना और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य (Zero Fatality) करना है।
योजना में सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों, कचरा बीनने वालों, नाली साफ करने वाले तथा एसटीपी एवं एफएसटीपी में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है। योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी नगरीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है।




