‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ से बस्तर को इनोवेशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास के लिए तैयार रोडमैप का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप और अधोसंरचना पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि “नियद नेल्ला नार योजना” का विस्तार करते हुए इसे “नियद नेल्ला नार 2.0” के रूप में 10 जिलों में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य को इनोवेशन हब बनाने के उद्देश्य से “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” लागू की गई है, जिसके तहत युवाओं को आइडिया से लेकर व्यवसाय विस्तार तक हर स्तर पर सहायता दी जा रही है। आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की अहम भूमिका होगी। विकसित छत्तीसगढ़ का रास्ता विकसित बस्तर से होकर गुजरता है। बस्तर में आदिवासी कला, लघु वनोपज, जैविक कृषि, पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें तकनीक और ई-कॉमर्स से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
कार्यक्रम में नवाचार करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण देव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




