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चुनाव 2026 स्पेशल: बंगाल में BJP की जीत में ‘साय फैक्टर’ हिट, आदिवासी सीटों पर क्लीन स्वीप

रायपुर। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत में अनुसूचित जनजाति (ST) सीटों का बड़ा योगदान सामने आया है। राज्य की 16 आरक्षित ST सीटों पर भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। इस सफलता के पीछे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का चुनाव प्रचार अहम फैक्टर माना जा रहा है।

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जंगल महल में चला ‘साय मैजिक’

जंगल महल क्षेत्र, जो लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में “स्विंग ज़ोन” माना जाता है, वहां साय फैक्टर असरदार साबित हुआ। सीएम साय ने झारग्राम जिले की झारग्राम, बिनपुर, नयाग्राम और गोपीबल्लवपुर सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियां और रोड शो किए। इन क्षेत्रों में आदिवासी वोटरों का झुकाव भाजपा की ओर देखने को मिला, जिससे तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा।

जिन सीटों पर प्रचार, वहां जीत तय:मुख्यमंत्री साय ने जिन क्षेत्रों में प्रचार किया, वहां भाजपा को 2 से 5 प्रतिशत तक वोट स्विंग मिला और उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

झारग्राम से लक्ष्मीकांत साहू 38,147 वोटों से जीते

नयाग्राम में अमिय किस्कू को 6,424 वोटों से जीत

गोपीबल्लवपुर में राजेश महाता 26,675 वोटों से विजयी

बिनपुर से डॉ. प्रनत टूडू 22,977 मतों से जीते

आदिवासी नेतृत्व बना निर्णायक

सीएम साय की पहचान एक प्रभावशाली आदिवासी नेता के रूप में है। उनके प्रचार ने आदिवासी समुदाय के साथ सीधा संवाद स्थापित किया, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। कभी वामपंथ का गढ़ और बाद में तृणमूल के प्रभाव वाला यह क्षेत्र अब भाजपा के पक्ष में झुकता नजर आया।

छत्तीसगढ़ मॉडल’ भी बना गेमचेंजर

भाजपा ने बंगाल में छत्तीसगढ़ के सफल योजनाओं का भी उपयोग किया। महिलाओं को ₹3000 प्रति माह देने का वादा, महतारी वंदन योजना से प्रेरित माना जा रहा है। झारग्राम वही क्षेत्र है, जहां नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो में झालमुड़ी खाकर सुर्खियां बटोरी थीं। इसने भी चुनावी माहौल को और गर्माया।

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