
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मिशन-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी चर्चा फिर तेज हो गई है। अंबिकापुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनने योग्य बताया। इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस सूची में पांचवां नाम दीपक बैज का भी जोड़ दिया और उन्हें स्वाभाविक दावेदार बताया।
अंबिकापुर में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सरगुजा संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। 15 से 17 सितंबर तक चल रहे इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इसी दौरान मिशन-2028 और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर नेताओं के बयान सामने आए।
दीपक बैज ने कहा कि चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू जैसे वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री बनने योग्य हैं। हालांकि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा। इसके बाद टीएस सिंहदेव ने दीपक बैज का नाम भी जोड़ते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार बताया।
2023 के चुनाव में तीन बड़े नेता हार चुके हैं
दिलचस्प बात यह है कि जिन पांच नामों की चर्चा हो रही है, उनमें से तीन नेता 2023 के विधानसभा चुनाव में अपने-अपने चुनाव हार चुके हैं। टीएस सिंहदेव अंबिकापुर सीट से भाजपा के राजेश अग्रवाल से 94 वोटों से हार गए थे। ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण से चुनाव हार गए, जबकि दीपक बैज चित्रकोट विधानसभा सीट से पराजित हुए थे।
वहीं भूपेश बघेल ने पाटन सीट से चुनाव जीता था और चरणदास महंत ने सक्ती विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी।बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशानाकांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद भाजपा को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। भाजपा की ओर से तंज कसते हुए कहा गया कि संगठन सृजन अभियान में नकल करने से कुछ नहीं होगा और कांग्रेस में सभी बड़े नेता मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं।
सरगुजा से मिशन-2028 की शुरुआत
कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने की कवायद का हिस्सा है। पार्टी की ओर से अगले विधानसभा चुनाव में सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा गया है।
ऐसे में सवाल सिर्फ मुख्यमंत्री चेहरे का नहीं, बल्कि यह भी है कि कांग्रेस मिशन-2028 के लिए संगठन को किस तरह मजबूत करती है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन मुख्यमंत्री पद की संभावित दावेदारी को लेकर नेताओं के बयानों ने पार्टी के भीतर सियासी चर्चा जरूर तेज कर दी है।




