
बिलासपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने सोमवार को बिलासपुर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर नई पहल की। कोल इंडिया लिमिटेड के देशव्यापी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल ने कोनी स्थित नवीन कमिश्नर कार्यालय के पीछे 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से एक ही दिन में 15,000 पौधों का रोपण किया।
एसईसीएल के अनुसार यह परियोजना संभवतः बिलासपुर शहर की पहली मियावाकी वन परियोजना है। इस तकनीक से विकसित होने वाला सघन शहरी वन आने वाले वर्षों में जैव विविधता बढ़ाने, हरित आवरण मजबूत करने और स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक के. राजशेखर, महाप्रबंधक (पर्यावरण) संजय सिन्हा सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाले ऐसे सघन वन हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कोल इंडिया के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत देशभर की सभी अनुषंगी कंपनियां एक ही दिन में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर रही हैं। इसी अभियान के अंतर्गत एसईसीएल अपने विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में 3 लाख 20 हजार से अधिक पौधों का रोपण कर रहा है।
एसईसीएल का कहना है कि यह अभियान केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण का निर्माण करना तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी है।



