साय सरकार के चौथे बजट की तैयारी तेज, 20 नवंबर तक विभागों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के चौथे बजट यानी वित्तीय वर्ष 2027-28 की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त विभाग ने बजट निर्माण का कार्यक्रम जारी कर दिया है और सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागाध्यक्षों से बजट प्रस्ताव मांगे हैं। वित्त विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 14 सितंबर 2026 को वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट कार्यक्रम जारी किया गया है।
नवंबर तक जमा होंगे बजट प्रस्ताव
विभागों को नए बजट के प्रस्ताव तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बजट प्रस्तावों में नवीन मदों को भी शामिल किया जाएगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर से प्रक्रिया शुरू होगी और 20 नवंबर तक प्रस्ताव अंतिम रूप से जमा किए जा सकेंगे।
दिसंबर में वित्त सचिव करेंगे विभागों से चर्चा
बजट प्रस्तावों की जांच और चर्चा के बाद 1 से 17 दिसंबर तक वित्त सचिव स्तर पर संबंधित विभागों के सचिवों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद 4 से 18 जनवरी तक वित्त मंत्री की अन्य विभागीय मंत्रियों के साथ चर्चा में नवीन मदों के प्रस्तावों पर विचार और मंजूरी की प्रक्रिया होगी।
परीक्षित नवीन मदों को मिलेगी प्राथमिकता:वित्त विभाग ने बजट में परीक्षित नवीन मदों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। यानी ऐसे प्रस्ताव जिन्हें विभागीय स्तर पर आवश्यक परीक्षण, तैयारी और प्रक्रिया से गुजारा जा चुका हो, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। वित्त विभाग के स्थायी निर्देशों में भी नवीन मदों को यथासंभव “परीक्षित नवीन मद” के रूप में बजट में शामिल करने पर जोर दिया गया है।
वहीं अपरीक्षित नवीन मदों के प्रस्तावों पर केवल मंत्री-स्तरीय चर्चा में विचार किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।आदिवासी और अनुसूचित जाति योजनाओं के लिए अलग निर्देशआदिवासी क्षेत्र उपयोजना तथा अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना से जुड़े बजट प्रस्ताव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के वित्तीय सलाहकार प्रकोष्ठ को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
SNA-SPARSH मॉडल पर भी फोकस
केंद्रीय विभागों से संपर्क कर केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए SNA-SPARSH मॉडल के तहत उचित बजट शीर्ष खोलने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और राशि की विमुक्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।वित्त विभाग की वेबसाइट पर SNA-SPARSH मॉडल से संबंधित दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को समेकित प्रस्ताव की जिम्मेदारीपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मांग संख्या के तहत संचालित योजनाओं का समेकित बजट प्रस्ताव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संबंधित विभागों से चर्चा के बाद तैयार करेगा। इसके बाद प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में वित्त विभाग को भेजा जाएगा।




