छत्तीसगढ़

EXCLUSIVE: छत्तीसगढ़ बनेगा देश की ‘Energy Capital’! 32,100 MW नई बिजली क्षमता का रोडमैप, ₹3.4 लाख करोड़ निवेश का प्लान

By: Swapnil Gaurkhede

छत्तीसगढ़ को देश की ‘एनर्जी कैपिटल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को लगभग दोगुना करने की योजना है।

राज्य में अलग-अलग ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 32,100 मेगावाट नई क्षमता जोड़ने से संबंधित MoU किए गए हैं। इन परियोजनाओं से करीब ₹3.4 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश का रास्ता खुला है।

नई बिजली परियोजनाओं में क्या है प्लान?

ऊर्जा विभाग के अनुसार नई प्रस्तावित क्षमता में अलग-अलग ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया गया है। इसमें

  • 12,100 MW ताप विद्युत
  • 4,200 MW न्यूक्लियर पावर
  • 2,500 MW फ्लोटिंग सोलर
  • 13,300 MW पंप्ड स्टोरेजशामिल हैं।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है।

अभी छत्तीसगढ़ में कितनी है बिजली उत्पादन क्षमता?

राज्य की वर्तमान स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 30,671.7 MW है। इसमें

  • 28,824 MW थर्मल पावर
  • 220 MW हाइड्रो पावर
  • 2,047 MW सोलर, बायोमास और अन्य नवीकरणीय ऊर्जाशामिल है।

बिजली उत्पादन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी, NTPC, निजी उत्पादकों और कैप्टिव पावर प्लांट की हिस्सेदारी है।

कोरबा और मड़वा में नई थर्मल यूनिट

नई बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में राज्य की अपनी उत्पादन कंपनी भी परियोजनाओं पर काम कर रही है। कोरबा पश्चिम में 660-660 MW की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयां और मड़वा में 800 MW की एक इकाई स्थापित करने की दिशा में काम प्रगति पर है।

इसके अलावा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें फ्लोटिंग सोलर और अन्य सौर परियोजनाएं शामिल हैं।

ट्रांसमिशन नेटवर्क भी होगा मजबूत

बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। जनवरी 2026 तक राज्य में 137 सब-स्टेशन हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों में पांच नए सब-स्टेशन जोड़े गए हैं।

ट्रांसफॉर्मर क्षमता 2023 के 24,227 MVA से बढ़कर 27,883 MVA हो गई है। इसके अलावा 797 सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई है।

राज्य के 131 सब-स्टेशनों को 5,200 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर से जोड़ा गया है। आने वाले तीन वर्षों में 41 नए हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन बनाने की योजना है।

देश के बड़े राज्यों से कहां पहुंचेगा छत्तीसगढ़?

छत्तीसगढ़ की मौजूदा स्थापित बिजली क्षमता को 30,671.7 MW है, और प्रस्तावित 32,100 MW नई क्षमता पूरी तरह जुड़ती है, तो राज्य की कुल स्थापित क्षमता करीब 62,772 MW (62.8 GW) हो सकती है।

इस स्थिति में छत्तीसगढ़ की क्षमता महाराष्ट्र की मौजूदा क्षमता से अधिक हो सकती है, लेकिन गुजरात की मौजूदा क्षमता से कम रहेगी। इसलिए 32,100 MW जुड़ने के बाद छत्तीसगढ़ को देश में सबसे अधिक स्थापित बिजली क्षमता वाला राज्य कहना अभी सही नहीं होगा।

  • गुजरात: करीब 71,691 MW
  • महाराष्ट्र: करीब 59,516 MW
  • मध्य प्रदेश: करीब 33,353 MWछत्तीसगढ़: 30,671.7 MW
  • छत्तीसगढ़ (32,100 MW प्रस्तावित क्षमता जुड़ने के बाद): करीब 62,772 MW

32,100 MW की नई परियोजनाएं पूरी होने पर छत्तीसगढ़ की स्थापित बिजली क्षमता करीब 62.8 GW तक पहुंच सकती है। इससे राज्य देश के सबसे बड़े बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा और मौजूदा क्षमता के आधार पर महाराष्ट्र से आगे निकल सकता है। हालांकि गुजरात की मौजूदा स्थापित क्षमता इससे अधिक है।

सीएम साय ने ऊर्जा क्षेत्र के निवेश को लेकर क्या कहा?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहले भी राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश और बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर सरकार की रणनीति सामने रख चुके हैं। उन्होंने कहा है कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से छत्तीसगढ़ की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाई मिलेगी और राज्य में सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा मजबूत होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में थर्मल के साथ नवीकरणीय और न्यूक्लियर पावर को बढ़ाने की दिशा में निवेश प्रस्तावों पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश से औद्योगिक गतिविधियों को भी आधार मिलेगा।

डॉ.रोहित यादव ने बताया पूरा रोडमैप

छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि राज्य को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने के लिए नई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू के तहत कुल 32,100 MW नई क्षमता विकसित की जाएगी और इससे लगभग ₹3.4 लाख करोड़ के निवेश का रास्ता साफ हुआ है।

रोहित यादव के मुताबिक, राज्य की रणनीति में पारंपरिक ऊर्जा के साथ-साथ सौर ऊर्जा, न्यूक्लियर पावर और पंप्ड स्टोरेज को भी प्रमुखता दी गई है। पंप्ड स्टोरेज और अन्य नवीकरणीय परियोजनाओं को बढ़ाने का उद्देश्य बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के साथ ग्रिड को स्थिरता देना भी है।

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