
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना पर हाल ही में हुई खुली बहस के बाद अब छत्तीसगढ़ की सियासत में कोल माइंस के मुद्दे पर बहस का नया दौर शुरू होता दिख रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को खदानों के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। वहीं मुख्यमंत्री साय ने इस चुनौती पर कहा है कि सरकार की ओर से इस विषय में जो भी तथ्य हैं, वे जनता के सामने आ रहे हैं।
बघेल ने CM साय को दिया था ओपन डिबेट का चैलेंज
सरगुजा दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास खनन विभाग भी है और प्रदेश में खनन व खदान बड़ा जन मुद्दा है। उन्होंने कहा कि साय सरकार ने इस क्षेत्र में क्या काम किया और क्या नहीं किया, इसे मुख्यमंत्री मीडिया के सामने रखें।बघेल ने मुख्यमंत्री साय को प्रेस क्लब में आमने-सामने बैठकर बहस करने की चुनौती दी है। उनका कहना है कि दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर चर्चा होने से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित खदानों को लेकर किस सरकार के कार्यकाल में क्या निर्णय लिए गए।
PM आवास के बाद अब खदान पर बहस
बघेल ने अपनी चुनौती को हाल ही में रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई PM आवास योजना की खुली बहस से भी जोड़ा। 15 सितंबर को दोनों नेता योजना से जुड़े आंकड़ों और दावों को लेकर आमने-सामने हुए थे। अब उसी तर्ज पर कोल माइंस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय के साथ सार्वजनिक बहस का प्रस्ताव सामने आया है।
CM साय ने क्या कहा?
भूपेश बघेल की चुनौती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस विषय में सरकार की तरफ से जो भी तथ्य हैं, वे जनता के सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद अब दोनों नेताओं के बीच खुली बहस को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
तारा कोल ब्लॉक बना है मुख्य मुद्दा:मौजूदा विवाद में तारा कोल ब्लॉक का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया है। बघेल पहले ही साय सरकार से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी रद्द कराने के लिए केंद्र से आग्रह करने की मांग कर चुके हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
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