14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का आगाज, CM साय बोले- 33 जिलों में बनेंगे उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्रियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सरकार उद्योगों के लिए केवल रेगुलेटर नहीं, बल्कि फैसिलिटेटर की भूमिका निभा रही – CM साय
यह मेला उद्योगों को नई दिशा देने और युवाओं को नए अवसर देने वाला मंच है – CM
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। 18 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में MSME, स्टार्टअप, निवेश, रोजगार और नवाचार से जुड़े उद्योगों को एक साझा मंच मिला है।
मेले में देशभर से उद्योगपति, उद्यमी, निवेशक और खरीदार शामिल हो रहे हैं। यहां विभिन्न उत्पादों और नई तकनीकों की प्रदर्शनी के साथ निवेशकों से संवाद, स्टार्टअप और युवा उद्यमियों के लिए अपने उत्पाद एवं बिजनेस आइडिया प्रदर्शित करने का अवसर और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र बनाने का लक्ष्य

उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री स्टार्टअप और निपुण मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में 500 करोड़ खर्च कर उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्रियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए केवल रेगुलेटर नहीं, बल्कि फैसिलिटेटर की भूमिका निभाने के लिए काम कर रही है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य की औद्योगिक विकास नीति में निवेश, रोजगार, नवाचार और नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
AI, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में AI, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नवा रायपुर को टेक्नोलॉजी और IT हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि उद्योगों को तेजी से काम शुरू करने के लिए Plug and Play जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने पर जोर है। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का जोर इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर है।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है और जमीन पर उद्योग स्थापित होने तथा 50000 लोगों को रोजगार मिलने की बात कहीं.
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने उद्योग के क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ उद्योगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। सरकार ने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने और प्रदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
300 से ज्यादा MSME ले रहे हिस्सा
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में 300 से ज्यादा MSME के शामिल होने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेषज्ञों के माध्यम से नए उद्यमियों और युवाओं को उद्योग से जुड़ी जानकारी एवं मार्गदर्शन भी मिलेगा।




