
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सिद्धू पर कथित जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। मणिपुर थाना क्षेत्र के दर्रीपारा में शनिवार रात हुई इस घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कांग्रेस नेता के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। घटना में गुरप्रीत सिंह सिद्धू गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे गुरप्रीत सिंह सिद्धू कार से अपने घर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ उनका विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कई लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की गई।बताया जा रहा है कि हमलावरों ने घर में घुसकर भी मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचीं गुरप्रीत सिंह सिद्धू की पत्नी के साथ भी हाथापाई किए जाने का आरोप है।

घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में कांग्रेस नेता के साथ कई लोग मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी पत्नी उन्हें बचाने की कोशिश करती नजर आती हैं।हमले में सिद्धू की आंख और सिर में चोटें आई हैं। प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू ने हमले के पीछे भाजपा नेता प्रकाश साहू की भूमिका होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों के बीच पुरानी राजनीतिक रंजिश है और इसी विवाद के चलते हमला कराया गया। हालांकि, भाजपा नेता प्रकाश साहू ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि घटना के समय वह अपने घर पर थे और हमले में उनका कोई हाथ नहीं है।
पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले में मणिपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में साहिल साहू, आयुष बरला, सुनील साहू और अनिल कुमार चटर्जी उर्फ संजू शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की है।पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
राजनीतिक रंजिश या पुराना विवाद?
घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता की ओर से इसे राजनीतिक रंजिश से जोड़कर आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में हमले की वास्तविक वजह और सभी आरोपियों की भूमिका पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




