
2 एमटीपीए क्षमता वाले पेलेट प्लांट के संचालन की तैयारियों को मिली गति, ड्राई-आउट प्रक्रिया शुरू
जगदलपुर। एनएमडीसी लिमिटेड के नगरनार स्थित 2 एमटीपीए क्षमता वाले पेलेट प्लांट में इंड्यूरटिंग मशीन का सफल लाइट-अप किया गया। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि 28 अगस्त को एनएमडीसी के निदेशक (तकनीकी) विनय कुमार और निदेशक (वाणिज्यिक) विवेक निशांत नाथ द्वारा मशीन के लाइट-अप के साथ हासिल की गई।
पेलेट प्लांट में स्थापित स्ट्रेट ग्रेट इंड्यूरटिंग मशीन पेलेटाइजेशन प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा है। इस मशीन में Metso Outotec–SMS Group की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जबकि इसके क्रियान्वयन का कार्य लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) द्वारा किया जा रहा है।
पेलेट निर्माण प्रक्रिया में मशीन की अहम भूमिका
इंड्यूरटिंग मशीन को पेलेटाइजेशन प्रक्रिया का ‘हार्ट’ माना जाता है। इसमें लौह अयस्क से तैयार ग्रीन पेलेट्स को नियंत्रित तापमान पर ड्राइंग, प्री-हीटिंग, इंड्यूरेशन और कूलिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। इस प्रक्रिया के बाद उच्च मजबूती और बेहतर धातुकर्मीय गुणों वाले लौह अयस्क पेलेट तैयार होते हैं।
कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
इंड्यूरटिंग मशीन के ड्राई-आउट की सफल शुरुआत को पेलेट प्लांट की कमीशनिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस उपलब्धि से प्लांट के संचालन की तैयारियों को गति मिली है।
एनएमडीसी की यह परियोजना नगरनार क्षेत्र में लौह अयस्क के मूल्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पेलेट उत्पादन से लौह एवं इस्पात उद्योग के लिए आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
एनएमडीसी ने इस उपलब्धि को देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और खनिज संसाधनों के बेहतर मूल्य संवर्धन की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है।




